तैरने का सिद्धान्त (Floating principle) || Terne Ke Sidhant Physics || Terne Ka Sidhant Physics || Physics Solution || Ncert Solution | Rclipse - Education Point

तैरने का सिद्धान्त (Floating principle) || Terne Ke Sidhant Physics || Terne Ka Sidhant Physics || Physics Solution || Ncert Solution


तैरने का सिद्धान्त Floating principle :-


                             तैरने का सिद्धान्त आर्कमिडीज के सिद्धान्त पर ही आधारित है। जब किसी वस्तु को किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है तो उस पर दो बल कार्य करते है :-

1. वस्तु का भार w1 नीचे की ओर तथा
2. वस्तु पर उत्पलावन बल w2 उपर की ओर

अब तीन स्थितियां हो सकती है :-


(a.) w1 > w2 ऐसी स्थिती में वस्तु द्रव में डूब जाएगी। ऐसा उन वस्तुओं में होता है जिनका घनत्व द्रव के घनत्व से अधिक होता है।

(b.) w1 = w2 एसी स्थिती में वस्तु द्रव की सतह के ठीक नीचे तैरती रहेगी।

(c.) w1 < w2 एसी स्थिती में वस्तु का कुछ भार द्रव के उपर रहकर तैरेगा।

                एसे ठोस का घनत्व, द्रव के घनत्व से कम होता है। 

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