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राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिवस (National and International Important Days) || Bhartiya Most Divas || Bhartiya Divas

राष्ट्रीयऔर अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिवस

1. लुईस ब्रेल दिवस – 4 जनवरी
2. विश्व हास्य दिवस – 10 जनवरी
3. राष्ट्रिय युवा दिवस – 12 जनवरी
4. थल सेना दिवस – 15 जनवरी
5. कुष्ठ निवारण दिवस – 30 जनवरी
6. भारत पर्यटन दिवस – 25 जनवरी
7. गणतंत्र दिवस – 26 जनवरी
8. अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क एवं उत्पाद दिवस – 26 जनवरी
9. सर्वोदय दिवस – 30 जनवरी
10. शहीद दिवस – 30 जनवरी
11. विश्व कैंसर दिवस – 4 जनवरी
12. गुलाब दिवस – 12 फरवरी
13. वेलेंटाइन दिवस – 14 फरवरी
14. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस – 21 फरवरी
15. केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस – 24 फरवरी
16. राष्ट्रिय विज्ञानं दिवस – 28 फरवरी
17. राष्ट्रिय सुरक्षा दिवस – 4 मार्च
18. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस – 8 मार्च
19. के०औ०सु० बल की स्थापना दिवस – 12 मार्च
20. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस – 15 मार्च
21. आयुध निर्माण दिवस – 18 मार्च
22. विश्व वानिकी दिवस – 21 मार्च
23. विश्व जल दिवस – 22 मार्च
24. भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीद दिवस – 23 मार्च
25. विश्व मौसम विज्ञानं दिवस – 23 मार्च
26. राममनोहर लोहिया जयंती – 23 मार्च
27. विश्व टी०बी० दिवस – 24 मार्च
28. ग्रामीण डाक जीवन बिमा दिवस – 24 मार्च
29. गणेश शंकर विद्यार्थी का बलिदान दिवस – 25 मार्च
30. बांग्लादेश का राष्ट्रिय दिवस – 26 मार्च
31. विश्व थियेटर दिवस – 27 मार्च
32. विश्व स्वास्थ दिवस – 7 अप्रैल
33. अम्बेदकर जयंती – 14 अप्रैल
34. विश्व वैमानिकी दिवस – 14 अप्रैल
35. विश्व हीमोफीलिया दिवस – 17 अप्रैल
36. विश्व विरासत दिवस – 18 अप्रैल
37. पृथ्वी दिवस – 22 अप्रैल
38. विश्व पुस्तक दिवस – 23 अप्रैल
39. विश्व श्रमिक दिवस – 1 मई
40. विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस – 3 मई
41. विश्व प्रवासी पक्षी दिवस – 8 मई
42. विश्व रेडक्रॉस दिवस – 8 मई
43. अंतर्राष्ट्रीय थैलीसिमिया दिवस – 8 मई
44. राष्ट्रिय प्रौधोगिकी दिवस – 11 मई
45. विश्व संग्रहालय दिवस – 18 मई
46. विश्व नर्स दिवस – 12 मई
47. विश्व परिवार दिवस – 15 मई
48. विश्व दूरसंचार दिवस – 17 मई
49. आतंकवाद विरोधी दिवस – 21 मई
50. जैविक विविधिता दिवस – 22 मई
51. माउन्ट एवरेस्ट दिवस – 29 मई
52. विश्व तम्बाकू रोधी दिवस – 31 मई
53. विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून
54. विश्व रक्तदान दिवस – 14 जून
55. अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति स्थापना दिवस – 6 जून
56. विश्व शरणार्थी दिवस – 20 जून
57. राष्ट्रिय सांख्यिकी दिवस – 29 जून
58. पी०सी० महालनोबिस का जन्म दिवस – 29 जून
60. भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना दिवस – 1 जुलाई
61. चिकित्सक दिवस – 1 जुलाई
62. डॉ० विधानचंद्र राय का जन्म दिवस – 1 जुलाई
63. विश्व जनसंख्या दिवस – 11 जुलाई
64. कारगिल स्मृति दिवस – 26 जुलाई
65. विश्व स्तनपान दिवस – 1 अगस्त
66. विश्व युवा दिवस – 12 अगस्त
67. स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त
68. राष्ट्रिय खेल दिवस – 29 अगस्त
69. ध्यानचन्द्र का जन्म दिवस – 29 अगस्त
70. शिक्षक दिवस – 5 सितम्बर
71. अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस – 8 सितम्बर
72. हिंदी दिवस – 14 सितम्बर
73. विश्व-बंधुत्व एवं क्षमा याचना दिवस – 14 सितम्बर
74. अभियंता दिवस – 15 सितम्बर
75. संचयिता दिवस – 15 सितम्बर
76. ओजोन परत रक्षण दिवस – 16 सितम्बर
77. RPF की स्थापना दिवस – 20 सितम्बर
78. विश्व शांति दिवस – 21 सितम्बर
79. विश्व पर्यटन दिवस – 27 सितम्बर
80. अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस – 1 अक्टूबर
81. लाल बहादुर शास्त्री जयंती – 2 अक्टूबर
82. अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस – 2 अक्टूबर
83. विश्व प्रकृति दिवस – 3 अक्टूबर
84. विश्व पशु-कल्याण दिवस – 4 अक्टूबर
85. विश्व शिक्षक दिवस – 5 अक्टूबर
86. विश्व वन्य प्राणी दिवस – 6 अक्टूबर
87. वायु सेना दिवस – 8 अक्टूबर
88. विश्व डाक दिवस – 9 अक्टूबर
89. विश्व दृष्टि दिवस – 10 अक्टूबर
90. जयप्रकाश जयंती – 11 अक्टूबर
91. विश्व मानक दिवस – 14 अक्टूबर
92. विश्व एलर्जी जागरूकता दिवस – 16 अक्टूबर
93. विश्व खाद्य दिवस – 16 अक्टूबर
94. विश्व आयोडीन अल्पता दिवस – 21 अक्टूबर
95. संयुक्त राष्ट्र दिवस – 24 अक्टूबर
96. विश्व मितव्ययिता दिवस – 30 अक्टूबर
97. इंदिरा गाँधी की पुण्य तिथि – 31 अक्टूबर
98. विश्व सेवा दिवस – 9 नवम्बर
99. रा० विधिक साक्षरता दिवस – 9 नवम्बर
100. बाल दिवस – 14 नवम्बर
101. विश्व मधुमेह दिवस – 14 नवम्बर
102. विश्व विधार्थी दिवस – 17 नवम्बर
103. राष्ट्रिय पत्रकारिता दिवस – 17 नवम्बर
104. विश्व व्यस्क दिवस – 18 नवम्बर
105. विश्व नागरिक दिवस – 19 नवम्बर
106. सार्वभौमिक बाल दिवस – 20 नवम्बर
107. विश्व टेलीविजन दिवस – 21 नवम्बर
108. विश्व मांसाहार निषेध दिवस – 25 नवम्बर
109. विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस – 26 नवम्बर
110. राष्ट्रिय विधि दिवस – 26 नवम्बर
111. विश्व एड्स दिवस – 1 दिसम्बर
112. नौसेना दिवस – 4 दिसम्बर
113. रासायनिक दुर्घटना निवारण दिवस – 4 दिसम्बर
114. अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस – 5 दिसम्बर
115. नागरिक सुरक्षा दिवस – 6 दिसम्बर
116. झंडा दिवस – 7 दिसम्बर
117. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस – 7 दिसम्बर
118. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस – 10 दिसम्बर
119. विश्व बाल कोष दिवस – 11 दिसम्बर
120. विश्व अस्थमा दिवस – 11 दिसम्बर
121. राष्ट्रिय उर्जा संरक्षण दिवस – 14 दिसम्बर
122. गोवा मुक्ति दिवस – 19 दिसम्बर
123. किसान दिवस – 23 दिसम्बर
124. राष्ट्रिय उपभोक्ता दिवस – 24 दिसम्बर
125. CRPF का स्थापना दिवस – 28 दिसम्बर

भारत में बैंकों की स्थापना व वर्ष (Establishment and Year of Banks in India) || Bharat Ke Banko Ki Sthapna Ka Year || Establishment and Year of Banks in India

भारत में बैंकों की स्थापना व वर्ष

  • बैंक आॅफ हिन्दुस्तान =1770 में
  • इलाहाबाद बैंक =1865 में 
  • अवध काॅमर्शिल बैंक = 1881 में
  • पंजाब नेशनल बैंक =1894 में
  • केनरा बैंक =1906 में
  • बैंक आॅफ इंडिया = 1906 में
  • काॅरपोरेशन बैंक = 1906 में
  • इंडियन बैंक =1907 में
  • पंजाब एंड सिंधी बैंक = 1908 में
  • बैंक आॅफ बड़ौदा= 1908 में
  • सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया =1911 में
  • यूनियन बैंक आॅफ इंडिया =1919 में
  • इम्पीरियल बैंक =1921में
  • आंध्रा बैंक = 1923 में👉 सिंडीकेट बैंक = 1925 में
  • विजया बैंक =1931 में
  • रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया =1935में
  • बैंक आॅफ महाराष्ट्र =1935में
  • इंडियन ओवरसीज बैंक =1937 में
  • देना बैंक =1938 में
  • ओरिएंटल बैंक आॅफ काॅमर्स =1943में
  • यूको बैंक =1943 में 
  • यूनाइटेड बैंक आॅफ इंडिया = 1950 में
  • स्टेट बैंक आॅफ इंडिया =1955 में 
  • ICICI बैंक = 1994 में
  • HDFC बैंक = 1994 में
  • IDBI बैंक =1964 में
  • एक्सिस बैंक = 2007 में





सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (All India Gk For Compitition Exams) || All India Gk In Hindi For Compitition Exams || India Gk For SSC And IBPS

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी
(All India Gk For Compitition)

1. प्रसिद्ध शिलोत्कीर्ण (पत्थर काटकर बनाया गया) कैलाश मन्दिर कहाँ स्थित है?
उत्तर – एलोरा

2. हरित क्रांति का अर्थ है –
उत्तर – कृषि की आधुनिक विधियों के प्रयोग द्वारा प्रति एकड़ फसल की उपज को बढ़ाना

3. भू-रक्षण को नियंत्रित किया जा सकता है-
उत्तर – सीढ़ीदर टीला बनाकर, बाँध बनाकर, वृक्षारोपण द्वारा

4. जम्मू और कश्मीर का रेलपथ किस रेलवे जॉन के अंतर्गत आता है?
उत्तर – उत्तरी रेलवे

5. भारत के किस राज्य में कन्नड़ भाषा बोली जाती है ।
उत्तर – कर्नाटक

6. संघ शासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी कौन सी राज्य है।
उत्तर – पोर्टब्लेयर

7. विख्यात महाकाव्य ‘महाभारत’ के रचयिता कौन है?
उत्तर – वेदव्यास

8. ‘गीतांजलि’ के कवि हैं –
उत्तर – रवीन्द्रनाथ टैगोर

9. किन दो स्थानों के बीच हिमसागर एक्सप्रेस चलती है?
उत्तर – जम्मू से कन्याकुमारी

10. ‘जनरल’ किस सेना का एक अधिकारी पद है?
उत्तर – थल सेना

11. भारत के किस राज्य में पवित्र तीर्थस्थल ‘अमरनाथ’ स्थित है?
उत्तर – जम्मू एवं कश्मीर

12. विख्यात पर्यटन-स्थल ‘गुलमर्ग’ भारत के किस क्षेत्र में स्थित है?
उत्तर – कश्मीर

13. रेल पथ के नैरो गेज की चौड़ाई होती है-
उत्तर – 2′ 6”

14. किस देश को ‘उगते हुए सूरज की भूमि’ कहाँ जाता है?
उत्तर – जापान

15. कौन सा शहर मध्य प्रदेश की राजधानी है?
उत्तर – भोपाल

16. किस राज्य में मलयालम भाषा बोली जाती है
उत्तर – केरल

17. चंडीगढ़ का रॉक गार्डन (शैल उद्यान) किसने बनाया था?
उत्तर – नेकचंद्र

18. जम्मू किस नदी के किनारे स्थित है –
उत्तर – तवी

19. कौन सा शहर अफगानिस्तान की राजधानी है?
उत्तर – काबुल

20. कौन सा शहर जापान की राजधानी है?
उत्तर – टोकियो

21. किस देश में सूची स्तम्भ (पिरामिड) पाये गए हैं
उत्तर – मिश्र

22. किस वर्ष में महात्मा गांधी का जन्म हुआ था?
उत्तर – 2 अक्टूबर 1869 को

23. विश्व का सबसे बड़ा देश कौन सा देश है?
उत्तर – रूस

24. विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है-
उत्तर – एवरेस्ट

25. भारतीय गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?
उत्तर – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

26. माउन्ट एवरेस्ट पर चढ़ने वाला प्रथम व्यक्ति है।
उत्तर – तेनजिंग नोर्गे

27. कारगिल कस्बा किस राज्य में है-
उत्तर – जम्मू एवं कश्मीर

28. पानीपत का प्रथम युद्ध लड़ा गया था  
उत्तर – बाबर और इम्ब्राहिम लोदी के बीच

29. अजमेर किस सूफी सन्त से सम्बंधित है ?
उत्तर – ख्वाजा मोईनुद्दीन चिस्ती

30. किस मुगल राजा ने धार्मिक संप्रदाय ‘दीन-ए-इलाही’ की स्थापना की?
उत्तर – अकबर

31. प्लासी का युद्ध कब हुआ था ?
उत्तर – 1757 ई.

32. 1857 ई. के विद्रोह में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने किसके सहयोग से ग्वालियर में विद्रोह किया था?
उत्तर – तात्यां टोपे

33. अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर की मृत्यु कहाँ हुई थी?
उत्तर – रंगून

34. महात्मा गांधी जी के पत्नी का नाम क्या था?
उत्तर – कस्तूरबा गांधी

35. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक कौन थे?
उत्तर – ए. ओ. ह्यूम

36. स्वतन्त्र भारत के प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल थे?
उत्तर – सी. राजगोपालाचारी

37. प्रार्थना समाज की स्थापना किसने की?
उत्तर – आत्माराम पांडुरंग

38. चोल प्रशासन की मुख्य विशेषता क्या थी?
उत्तर – ग्रामीण स्वायत्तता

39. किस शासक ने ग्रांड ट्रक रोड का निर्माण कराया था?
उत्तर – शेरशाह सूरी

40. किस स्थान पर सिंधु घाटी सभ्यता का बन्दरगाह स्थित है?
उत्तर – लोथल

41. पूर्वोत्तर राज्य में सबसे बड़ा राज्य कौन है?
उत्तर – अरुणाचल प्रदेश

42. चीन असम के किस दिशा में स्थित है?
उत्तर – उत्तर

43. मध्य प्रदेश अतिरिक्त भारत का कौन सा राज्य सात राज्यों की सीमा को स्पर्श करती है?
उत्तर – असम

44. कंचन गंगा पर्वत शिखर कहाँ स्थित है?
उत्तर – सिक्किम

45. सूर्य से सबसे नजदीक गृह है-
उत्तर – बुध

46. पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर – मालीगांव

47. प्रथम भारतीय फ़िल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ के निर्माता कौन थे ?
उत्तर – दादा साहेब फाल्के

48. असम के कौन से व्यक्ति भारत के राष्ट्रपति रह चुके है?
उत्तर – फखरुद्दीन अली अहमद

49. पुस्तक ‘वार एन्ड पीस’ लेखक है?
उत्तर – लियो टॉलस्टाय

50. मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर – राष्ट्रपति

51.  ‘ए मेरे वतन के लोगो’ देशभक्ति गीत किसने लिखा है?
उत्तर – प्रदीप

52. वायु का दबाव किसके कारण होता है?
उत्तर – घनत्व

53. वायुमण्डलीय डाब मापने का पैमाना है-
उत्तर – बैरोमीटर

54. अमीबा में कुल कितने शैल (कोशिका) होते है?
उत्तर – एक

55. नागालैंड भारत का विधिवत राज्य कब बना?
उत्तर – 1963 ई.

56. उत्तर पूर्व सीमान्त रेलवे में सबसे बड़ा रेलवे स्टेसन है-
उत्तर – मालीगांव

57. मुख्यमन्त्री की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर – राज्यपाल

58. रेफ्रिजरेटर में कौन सी गैस प्रयुक्त की जाती है?
उत्तर – फ्रीआन

59. इलेक्ट्रान के खोज कर्त्ता हैं-
उत्तर – जे. जे. थॉमसन

60. असमिया भाषा में मुद्रित प्रथम पुस्तक के लेखक कौन थे?
उत्तर – आत्माराम शर्मा

61. रविन्द्रनाथ टैगोर ने भारत के राष्ट्रीय गान के अलावा किस एक और देश का राष्ट्रीय गान लिखा?
उत्तर – बांग्ला देश

62. हीटर के तार किस चीज के बने होते है?
उत्तर – नाइक्रोम

63. लोहे पर जंग लगने से उसका भार –
उत्तर – बढ़ता है

64. विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप ‘माजुली’ असम के किस जिले में स्थित है
उत्तर – पाताल पूरी

65.ध्वनि कि चाल अधिकतम किसमें होती है?
उत्तर – स्टील में

66. किसे ‘ भविष्य की धातु कहा जाता है.
उत्तर – टाइटेनियम

67. कौन सा तत्व स्वतन्त्र अवश्था में पाया जाता है?
उत्तर – सल्फर

68. दिल्ली की सुल्तान रजिया सुल्तान किसकी पुत्री थी?
उत्तर – शम्स-उद-दिन इल्तुतमिश

69. ‘मंदिरो की पूण्यभूमि’ भारत के किस राज्य को कहा जाता है
उत्तर – तमिलनाडु

70. महाराष्ट्र के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
उत्तर – वाई. बी. चौहान

71. ‘भारत का मैनचेस्टर’ किसे कहा जाता है?
उत्तर – अहमदाबाद

72. बिहार का शोक किस नदी को कहा जाता है?
उत्तर – कोशी

भारत के प्रमुख पदाधिकारी (Chief Officials of India) || Bharat K Lok Seva Or Rajya Sabha Member Ki Suchi


भारत के प्रमुख पदाधिकारी 2018 Updated
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* राष्ट्रपति - श्री राम नाथ कोविंद
* उप राष्ट्रपति - श्री वेंकैया नायडू
* प्रधान मंत्री - श्री नरेंद्र मोदी
* लोकसभा अध्यक्ष - श्रीमती सुमित्रा महाजन
* सर्वोच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश - जस्टिस  जे०एस०खेहर
* राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष - श्री  एच.एल.दत्तू
* राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष - श्रीमती ललिता कुमार मंगलम
* मुख्य चुनाव आयुक्त - श्री एस. एन. जैदी
* अटार्नी जनरल - श्री मुकुल रोहतगी
* सोलिसिटर जनरल - श्री रनजीत कुमार
* राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष - श्री बलबीर सिंह चौहान
* राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार - श्री अजीत कुमार डोभाल



प्रमुख राज्य व उनके मुख्यमंत्री 2018
[राज्य] [मुख्यमंत्री] {Updated }
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[1] महाराष्ट्र-- देवेंद्र फड़नवीस
[2] हरियाणा--मनोहरलाल खट्टर
[3] झारखण्ड —-श्री रघुवर दास
[4] जम्मू और कश्मीर —– महबूबा मुफ्ती 
[5] हिमाचल प्रदेश —–वीरभद्र सिंह
[6] कर्नाटक —–के. सिद्धारमैया
[7] केरल —— पिनारायी विजयन
[8] मध्य प्रदेश -- शिवराज सिंह चौहान
[9] तेलंगाना -- चंद्रशेखर राव
[10] सीमांध्र - - चन्द्रबाबू नायडू
[11] अरुणाचल प्रदेश —-पेमा खांडु
[12] असम —- सरबानंद सोनवाल
[13] बिहार —– नीतीश कुमार
[14] छत्तीसगढ़ —-डॉ.रमन सिंह
[15] दिल्ली —arvind kejrival
[16] गोआ —–  parker
[17] पॉण्डिचेरी - - वी. नारायनस्वामी
[18] पंजाब- - Cap.Amrinder singh
[19] राजस्थान -वसुंधरा राजेसिंधिया
[20] सिक्किम - पवन कुमार चामलिंग
[21] तमिलनाडु- के. पलानीस्वामी
[22] त्रिपुरा- - - माणिक सरकार
[23] उत्तराखण्ड —— हरीश रावत
[24] उत्तर प्रदेश- Yogi Adityanath
[25] पश्चिम बंगाल ——ममता बनर्जी,
[26] गुजरात —–विजय रुपानी
[27] मणिपुर —– ओकराम इबोई सिंह
[28] मेघालय —– मुकुल संगमा
[29] मिज़ोरम -- श्री लाल थानवाला
[30] नागालैण्ड —– शुरहोजेलइ लेइजेइत्सु 
[31] ओडिशा —– नवीन पटनायक 




प्रमुख राज्य व उनके मुख्यमंत्री 2018 (All state and their chief minister 2018) || All India Chief Minister List 2018 Updated

प्रमुख राज्य व उनके मुख्यमंत्री 2018
[राज्य] [मुख्यमंत्री] {Updated }
     -------------------------------------
[1] महाराष्ट्र-- देवेंद्र फड़नवीस
[2] हरियाणा--मनोहरलाल खट्टर
[3] झारखण्ड —-श्री रघुवर दास
[4] जम्मू और कश्मीर —– महबूबा मुफ्ती 
[5] हिमाचल प्रदेश —–वीरभद्र सिंह
[6] कर्नाटक —–के. सिद्धारमैया
[7] केरल —— पिनारायी विजयन
[8] मध्य प्रदेश -- शिवराज सिंह चौहान
[9] तेलंगाना -- चंद्रशेखर राव
[10] सीमांध्र - - चन्द्रबाबू नायडू
[11] अरुणाचल प्रदेश —-पेमा खांडु
[12] असम —- सरबानंद सोनवाल
[13] बिहार —– नीतीश कुमार
[14] छत्तीसगढ़ —-डॉ.रमन सिंह
[15] दिल्ली —arvind kejrival
[16] गोआ —–  parker
[17] पॉण्डिचेरी - - वी. नारायनस्वामी
[18] पंजाब- - Cap.Amrinder singh
[19] राजस्थान -वसुंधरा राजेसिंधिया
[20] सिक्किम - पवन कुमार चामलिंग
[21] तमिलनाडु- के. पलानीस्वामी
[22] त्रिपुरा- - - माणिक सरकार
[23] उत्तराखण्ड —— हरीश रावत
[24] उत्तर प्रदेश- Yogi Adityanath
[25] पश्चिम बंगाल ——ममता बनर्जी,
[26] गुजरात —–विजय रुपानी
[27] मणिपुर —– ओकराम इबोई सिंह
[28] मेघालय —– मुकुल संगमा
[29] मिज़ोरम -- श्री लाल थानवाला
[30] नागालैण्ड —– शुरहोजेलइ लेइजेइत्सु 
[31] ओडिशा —– नवीन पटनायक 




भारत के प्रमुख पदाधिकारी 2018 Updated
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* राष्ट्रपति - श्री राम नाथ कोविंद
* उप राष्ट्रपति - श्री वेंकैया नायडू
* प्रधान मंत्री - श्री नरेंद्र मोदी
* लोकसभा अध्यक्ष - श्रीमती सुमित्रा महाजन
* सर्वोच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश - जस्टिस  जे०एस०खेहर
* राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष - श्री  एच.एल.दत्तू
* राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष - श्रीमती ललिता कुमार मंगलम
* मुख्य चुनाव आयुक्त - श्री एस. एन. जैदी
* अटार्नी जनरल - श्री मुकुल रोहतगी
* सोलिसिटर जनरल - श्री रनजीत कुमार
* राष्ट्रीय विधि आयोग के अध्यक्ष - श्री बलबीर सिंह चौहान
* राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार - श्री अजीत कुमार डोभाल





बंगाल और वहाँ के जमींदार (Landlords and Bengalis) India GK || Bangal Or Wha Ke Jamindaar || New Gk Tricks In Hindi || Best Gk Short Tricks In Hindi


बंगाल और वहाँ के जमींदार :

औपनिवेशिक शासन सर्वप्रथम बंगाल में स्थापित किया गया था। यही वह प्रांत था जहाँ पर सबसे पहले ग्रामीण समाज को पुनव्र्यवस्थित करने और भूमि संबंध्ी अध्किारों की नयी व्यवस्था तथा एक नयी राजस्व प्रणाली स्थापित करने के प्रयत्न किए गए थे।

बर्दवान  में  की  गई  नीलामी  की  एक  घटना :

सन् 1797 में बर्दवान ;आज के ब(र्मानद्ध में एक नीलामी की गई। यह एक  बड़ी  सार्वजनिक  घटना  थी।  बर्दवान  के  राजा द्वारा  धरित अनेक महल  भूसंपदाएँ  बेचे  जा  रहे  थे।  सन्  1793 में इस्तमरारी  बंदोबस्त लागू  हो  गया  था। ईस्ट  इंडिया  वंफपनी  ने  राजस्व की राशि  निश्चित  कर दी थी जो प्रत्येक जमींदार को अदा करनी होती थी। जो जमींदार अपनी निश्चित राशि नहीं चुका पाते थे उनसे राजस्व वसूल करने के लिए उनकी संपदाएँ नीलाम कर दी जाती थीं। चूँकि बर्दवान के राजा पर राजस्व की बड़ी भारी रकम बकाया थी, इसलिए उसकी संपदाएँ नीलाम की जाने वाली थीं।

नीलामी में बोली लगाने के लिए अनेक ख़रीददार आए थे और संपदाएँ महालद्ध सबसे उँची बोली लगाने वाले को बेच दी गईं। लेकिन कलेक्टर को तुरंत ही इस सारी कहानी में एक अजीब पेंच दिखाई दे गया। उसे जानने में आया कि उनमें से अनेक ख़रीददार, राजा के अपने ही नौकर या एजेंट थे और उन्होंने राजा की ओर से ही शमीनों को ख़रीदा था। नीलामी में 95 प्रतिशत से अधिक बिक्री फर्जी थी। वैसे तो राजा की जमीनें खुलेतौर पर बेच दी गई थीं पर उनकी शमींदारी का नियंत्रण उसी के हाथों में रहा था।

अदा  न  किए  गए  राजस्व  की  समस्या :

अकेले बर्दवान राज की शमीनें ही ऐसी संपदाएँ नहीं थीं जो अठारहवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में बेची गई थीं। इस्तमरारी बंदोबस्त लागू किए जाने के बाद 75 प्रतिशत से अध्कि शमींदारियाँ हस्तांतरित कर दी गई थीं।

ब्रिटिश अधिकारी यह आशा करते थे कि इस्तमरारी बंदोबस्त लागू किए जाने से वे सभी समस्याएँ हल हो जाएँगी जो बंगाल की विजय के समय से ही उनके समक्ष उपस्थित हो रही थीं। 1770 के दशक तक आते-आते, बंगाल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजरने लगी थी क्योंकि बार-बार अकाल पड़ रहे थे और खेती की पैदावार घटती जा रही थी। अधिकारी लोग ऐसा सोचते थे कि खेती, व्यापार और राज्य के राजस्व संसाधन सब तभी विकसित किए जा सवेंफगे जब कृषि में निवेश

उपनिवेशवाद और देहात :

को प्रोत्साहन दिया जाएगा और ऐसा तभी किया जा सकेगा जब संपत्ति के अध्किर प्राप्त कर लिए जाएँगे और राजस्व माँग की दरों को स्थायी रूप से तय कर दिया जाएगा। यदि राज्य ;सरकारद्ध की राजस्व माँग स्थायी रूप से निर्धरित कर दी गई तो वंफपनी राजस्व की नियमित प्राप्ति की आशा कर सकेगी और उद्यमकर्ता भी अपने पूँजी-निवेश से एक निश्चित लाभ कमाने की उम्मीद रख सवेंफगे, क्योंकि राज्य अपने दावे में वृ( करके लाभ की राशि नहीं छीन सकेगा। अध्किरियों को यह आशा  थी  कि  इस प्रव्रिफया से छोटे किसानों योमॅन और धनी भूस्वामियों का एक ऐसा वर्ग उत्पन्न  हो जाएगा  जिसके  पास  कृषि  में सुधार  करने  के लिए  पूँजी  और  उद्यम  दोनों होंगे।  उन्हें  यह  भी  उम्मीद थी  कि  ब्रिटिश शासन  से  पालन-पोषण और प्रोत्साहन  पाकर, यह वर्ग कंपनी  के  प्रति  वपफादार  बना  रहेगा।
लेकिन  समस्या  यह  पता  लगाने  की थी कि वे कौन से व्यक्ति  हैं जो वृफषि में सुधर करने के साथ-साथ राज्य को निर्धरित राजस्व अदा करने का ठेका ले सकेंगे। कंपनी के अधिकारियों के बीच परस्पर लंबे वाद-विवाद  के  बाद, बंगाल के राजाओं और ताल्लुकदारों के साथ इस्तमरारी बंदोबस्त लागू किया गया। अब उन्हें जमींदारों के रूप में  वर्गीवृफत किया गया और उन्हें सदा के  लिए एक निर्धरित राजस्व माँग को अदा करना था। इस परिभाषा के अनुसार, शमींदार गाँव में भू-स्वामी नहीं था, बल्कि वह राज्य का राजस्व समाहर्ता यानी ;संग्राहकद्ध मात्रा था।

जमींदारों के नीचे अनेक ;कभी-कभी तो 400 तकद्ध गाँव होते थे। वंफपनी के हिसाब से, एक जमींदारी के भीतर आने वाले गाँव मिलाकर एक राजस्व संपदा का रूप ले लेते थे। वंफपनी समस्त संपदा पर वुफल माँग निर्धरित करती थी। तदोपरांत, शमींदार यह निर्धरित करता था कि भिन्न-भिन्न गाँवों से राजस्व की कितनी-कितनी माँग पूरी करनी होगी, और पिफर शमींदार उन गाँवों से निर्धरित राजस्व राशि इकट्टòी करता था। शमींदार से यह अपेक्षा की जाती थी कि वह वंफपनी को नियमित रूप से राजस्व राशि अदा करेगा और यदि वह ऐसा नहीं करेगा वो उसकी संपदा नीलाम की जा सकेगी।

महाराजा रामसिंह (Maharaja Ramsingh) | राजा रामसिंह (Raja Ramsingh) | GK Notes


महाराजा रामसिंह :
(Maharaja Ramsingh) :
(1667-1689 ई.) :

• शाहजहाँ के पुत्रों की लड़ाई में ये अपने पिता के साथ पहले दाराशिकोह के पक्ष में लड़े किन्तु बाद में औरंगजेब के पक्ष में हो गए।

• शिवाजी जब मुगल दरबार में 13 मई, आए इनकी 1666 को तब ही निगरानी में रखे गए अपने पिता के वचनों के अनुसार इन्होंने शिवाजी की पूर्णतया रक्षा की।

• रामसिंह के दरबार में कुलपति मिश्र ने ब्रजभाषा में रसरहस्य' की रचना की।

• इनके काल में अनेक ग्रन्थों की रचना की गई जिनमें मुहूर्त तत्व (लेखक-गणेश देवल) चगता पातशाही (लेखक - दलपतिराम, राजनीति निरूपणवैद्य बिनोद संहिता (लेखक-शंकर भट्ट) प्रमुख हैं।

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तीन मुगल बादशाहों (जहाॅंगीर, शाहजहाॅं व औरंगजेब) को अपने कार्यों से प्रभावित किया।

बिहारी मिर्जा राज जयसिंह का दरबारी कवि, इसने 1663 ई. में ‘बिहारी सतसई‘ की रचना की। जयसिंह ने बिहारी को 1-1 दोहे पर 1-1 स्वर्ण मुद्रा दी व गाॅंव भी ईनाम में दिये। इन्होनें जयसिंह को अय्यासी के चंगुल से छुड़ाया।

शाहजहाॅं ने अप्रेल 1639 ई. में इसको रावल पिण्डी बुलाकर ‘मिर्जा राजा‘ की पदवी दी। यह पदवी इनके दादा मानसिंह को भी अकबर ने दी थी।

शाहजहाॅं के मध्य एशियाई अभियान (1647 ई.) में जयसिंह ने अपने अपूर्व साहस का परिचय दिया।

जयसिंह प्रथम ने शिवाजी को बन्दी बनाने के लिये 23 जून 1665 ई. को पुरन्दर की सन्धि की। मिर्जा राजा जयसिंह के साथ 1665 ई. में पुरन्दर के घेरे के समय बर्नियर उपस्थित था।

जयसिंह द्वारा आमेर के महल, जयगढ और औरंगाबाद में जयसिंहपुरा नगर बसाया।

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आमेर के राजा भारमल का पौत्र, 6 दिसम्बर 1550 को इनका जन्म हुआ।भगवानदास की मृत्यु हो जाने के बाद 14 नवम्बर 1589 को आमेर की राजगद्धी पर बैठा।

मानसिंह अकबर का एक प्रसिद्ध मनसबदार एवं मुख्य सेनापति था।मानसिंह अकबर के नवरत्नों में से एक था। मानसिंह को अकबर ने फर्जन्द तथा राजा की उपाधि से सम्मानित किया।

मानसिंह के सम्पर्क में आने पर अकबर ने हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचार को बन्द करवा दिया।

मानसिंह ने अकबर के आग्रह पर दीन-ए-इलाही धर्म स्वीकार नहीं किया था।

21 जून 1576 ई. को हल्दीघाटी का युद्ध मुगलों की ओर से मानसिंह के नेतृत्व में लड़ा गया। मानसिंह के कारण ही अकबर को राणा प्रताप के विरूद्ध सफलता प्राप्त हुई।

मानसिंह के प्रमुख दरबारी कवि हाया बारहठ थे।

मानसिंह के प्रसिद्ध साहित्यकार पुण्डरीक विट्ठल ने रागमंजरी, रागचन्द्रोदय, नर्तन निर्णय, चूनी प्रकाश की रचना की।

मुरारीदास ने ‘मानप्रकाश‘ तथा जगन्नाथ ने ‘मानसिंह कीर्ति मुक्तावली‘ की रचना की। दलपत राज ने ‘पत्र प्रशस्ति‘ तथा तथा ‘पवन पश्चिम‘ की रचना की।

दादूदयाल ने मानसिंह के काल में वाणी की रचना की।

मानसिंह द्वारा बंगाल में अकबर नगर और मानपुर नामक दो नगरों की स्थापना की गई।

शिलादेवी, जगत शिरोमणी व गोविन्ददेव जी के मंदिरों का निर्माण आमेर में करवाया। 1586 ई. में मानसिंह बंगाल विजय के पश्चात् आमेर में शिलादेवी को लाया और अरावली की पहाड़ी पर इनका प्रसिद्ध मंदिर स्थापित किया।

इसके अतिरिक्त काशी में ‘मान मंदिर‘ व सरोवर घाट, वृन्दावन में 5 लाख की लागत का ‘गोविन्द मंदिर‘ पटना में ‘बैकुण्ठ मंदिर‘ रोहतासगढ में महल व अटक के पास ‘कटक बनारस‘ नामक किला वनवाया।

मानसिंह ने अकबर की मृत्यु के बाद जहाॅंगीर की जगह बादशाह बनाने में खुशरो का समर्थन किया था।

मानसिंह की मृत्यु 6 जुलाई 1614 में इलीचपुर (दक्षिण भारत) नामक स्थान पर हुई।

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भगवानदास (Bhagwandas) (1574 - 1589 ई.)


भगवानदास भारमल के ज्येष्ठ पुत्र थे। मानसिंह भगवानदास का दतक पुत्र था।

भगवानदास की पुत्री का नाम मानाबाई (सुलतान निस्सा था) जो 13 फरवरी 1585 को जहांगीर से लाहौर में विवाह होने के पश्चात् सुल्ताना मस्ताना के नाम से जानी गई।

अमीर खुशरो मानाबाई और जहांगीर का पुत्र था। अमीर खुशरो की हत्या मानाबाई द्वारा की गई और इतिहास में यह पहली पुत्रहन्ता माता के नाम से जानी गई। 6 मई 1604 को मानाबाई ने अफीम खाकर आत्महत्या कर ली।

अमीर-उल-उमरा भगवानदास को यह उपाधि अकबर द्वारा प्रदान की गई। ये कुछ समय के लिये लाहौर के गवर्नर भी रहे।

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भारमल (Bharmal) (1547-1573 ई.)

1562 ई. में मानसिंह केवल 12 वर्ष की अवस्था में अकबर का मनसबदार बना।

भारमल राजस्थान के प्रथम राजपूत शासक थे जिन्होने सबसे पहले अकबर (मुगलों) के साथ वैवाहिक संबंध कायम किये।

राजा, अमीर-उल-उमरा अकबर द्वारा भारमल को उपधियां प्रदान की गई।

सुलहकुल की नीति अकबर ने राजपूतों के साथ स्थापित की।

हरखाबाई इतिहास में बेगम मरियम उज्जमानी के नाम से प्रसिद्ध हुई। इनका विवाह 1562 ई. में अकबर के साथ उनकी अजमेर यात्रा के दौरान साॅंभर में हुई। जहाॅंगीर इन्हीं का पुत्र था।

जोधाबाई एक उपाधि का नाम है जो अकबर एवं जहाॅंगीर की पत्नियों में से मुख्य पत्नी को प्रदान की जाती थी।

यह उपाधि के. आसिफ द्वारा निर्देशित मुगल-ए-आजम के बाद में अधिक प्रचलित हुई है।

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कछवाहा वंश (Kachwah dynasty)


कछवाहा वंश स्वयं को भगवान श्री राम के पुत्र कुश का वंशज मानते है।

967 ई. में दूल्हेराव द्वारा आमेर राज्य की स्थापना की गई। जयपुर के बसने से पूर्व जयपुर (ढूॅंढाड़) राज्य की राजधानी था। प्राचीन काल में यह अम्बावती तथा अंकिकापुर कहलाता था।

1727 ई. में जयपुर नगर बसने से पूर्व यह स्थल आमेर नाम से जाना जाता था।

कछवाहा राजवंश के संस्थापक दूल्हेराव (तेजकरण) थे। कछवाहा राजपूतों ने जयपुर रियासत पर शासन किया।

कछवाहा राजसंश सूर्यवंशी राजा रामचन्द्रजी के ज्येष्ठ पुत्र कुश के वंशज माने जाते है।

कछवाहों ने सबसे पहले दौसा में अपनी राजधानी स्थापित की थी।

1137 ई. में धोल्याराय द्वारा बड़गुर्जरों को परास्त कर ढूंढाड़ राज्य की स्थापना की गई।

हल्दी घाटी का युद्ध (Haldi Ghati Ka Yudth) | War of turmeric valley | Haldi Ghati | India Gk | India History | Rajasthan Gk | Rajasthan History | Gk | Ssc | Ibps | Rpsc Notes | Banking Guru | Exam Notes

हल्दी घाटी का युद्ध
(Haldi Ghati Ka Yudth)

हल्दीघाटी का युद्ध 21 जून 1576 को हुआ।

'मेवाड़ की थर्मोपोली' कर्नल जेम्स टाॅड ने हल्दी घाटी को कहा है।

यह युद्ध हल्दीघाटी के दर्रे से बाहर बनास नदी के निकट खमनौर गाॅंव (राजसमन्द) में हुआ।

महाराणा प्रताप, उनके मुस्लिक सेनापति हकीम खाॅं सूरी व मुगल सुबेदार मानसिंह और आसफ खाॅं के मध्य यह युद्ध हुआ।

इसमें महाराणा प्रताप की पराजय हुइ।



हल्दीघाटी अरावली पर्वतमाला में एक पहाड़ी दर्रा है।


दर्रे में हल्दी रंग की मिट्टी स्थित है।

महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) | Mharana Prtap | Maharana Pratap | India Gk | Indian history | Rajasthan History | Rpsc | Ssc | Ibps | Exams Notes | Banking Guru | Gk Tricks In Hindi

महाराणा प्रताप (Maharana Pratap)


महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को कटारगढ ‘कुम्भलगढ दुर्ग‘ में हुआ।

महाराणा प्रताप के पिता का नाम महाराणा उदयसिंह और माता का नाम जैवताबाई था।

इन्होनें अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिये मुगलों से आजीवन संघर्ष किया।

उदयपुर में स्थित गोगुन्दा स्थान पर 24 फरवरी 1572 को महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक हुआ।

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राणा साॅंगा (Rana Sanga)


महाराणा साॅंगा का जन्म 12 अप्रेल 1482 का हुआ।

राणा साॅंगा का पूरा नाम महाराणा संग्रामसिंह था।

इनका राज्याभिषेक 24 मई 1509 को हुआ।

ये संग्राम सिंह के नाम से प्रसिद्ध हुए।

ये महाराणा कुम्भा के पौत्र तथा महाराणा रायमल के पुत्र थे।

ये मेवाड़ के एकमात्र राणा थे जिन्होने राजपूतों को संगठित किया।

इनके बड़े भाई पृथ्वीराज और जयमल ईष्र्याग्रस्त होकर उन्हें मारना चाहते थे।

अजमेर के कर्मचन्द पॅंवार राज्याभिषेक से पूर्व तक राणा सांगा के आश्रयदाता रहे।

इनके पुत्र भोजराज मीरा के पति थे। मीरा को राजस्थान की राधा कहा जाता है। राजभोज का मीरा से 1511 ई. में विवाह हुआ और 1518 ई. में वह विधवा हो गई। मात्र 7 वर्ष तक वह अपना सधवा समय जी पाई और 1540 ई. में वृन्दावन में द्वारिकाधीश की मूर्ति में विलीन हो गई।





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महाराणा कुम्भा (Maharana Kumbha)


इनके पिता का नाम महाराणा मोकल था। महाराणा मोकल की हत्या के पश्चात राणा कुम्भा मेवाड़ के शासक बने।

महाराणा कुम्भा का काल ‘कला एवं वास्तुकला का स्वर्णयुग‘ कहा जाता है।

महाराणा कुम्भा जैन आचार्य ‘हीरानन्द‘ को अपना गुरू मानते थे।

महाराणा कुम्भा ने आचार्य सोमदेव को ‘कविराज‘ की उपाधि प्रदान की।

महाराणा कुम्भा की माता का नाम सौभाग्य देवी था।

रमाबाई महाराणा कुम्भा की पुत्री, संगीतशास्त्र की ज्ञाता थी। इनके लिये ‘वागीश्वरी‘ उपनाम का प्रयोग हुआ।

ईश्वर जावर रमाबाई द्वारा निर्मित विष्णु मंदिर की शिल्पी थी।

महाराणा कुम्भा संगीत की तीन विद्यायाओं ‘गीत-वाद्य-नृत्य‘ में पारदर्शी विद्वान थे।

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राणा मोकल (Rana Mokal)


इनके पिता का नाम महाराणा लाखा था।

ये मंडोवर के राव चूंडा के बड़े पुत्र थे।

इन्होने चितौड़ में एकलिंगजी मंदिर का निर्माण करवाया।

इनके काल में दिल्ली पर सैयद वंशीय शासक मुबारकशाह का शासन था।

राव चूड़ा लाखा का पुत्र, इन्हें भीष्म पितामह की उपाधि प्रदान की गई।

अपने पिता के लिये इन्होने हंसाबाई से विवाह करने से इनकार कर दिया एवं आजीवन ब्रहाचर्य की प्रतिज्ञा ली।




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महाराणा लाखा (Maharana Lakha)

इनका दूसरा नाम लक्षसिंह था।

सिसोदिया वंशीय यह एकमात्र शासक थे जिन्होने 62 वर्ष की आयु में मारवाड़ के रणमल राठौड़ की बहन हंसाबाई से विवाह किया।

राणा लाखा का वास्तविक उत्तराधिकारी 1421 ई. में राणा मोकल बना जो हंसा का ज्येष्ठ पुत्र था।

महाराणा लाखा ने ‘झोटिंग भट्ट‘ एवं ‘धनेश्वर भट्ट‘ जैसे विद्वान पण्डितों को राज्याश्रय दिया।

जावर लाखा के शासनकाल में जावर से चाॅंदी की खान निकली।

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चैहान वंश (Chouhan Vansh)
(Indian  History)




चौहान वंश (Chouhan Vansh) :-

शाकम्भरी के चौहान :-
                                वासुदेव चौहान ने 551 ई. में इस वंश की स्थापना की। वासुदेव चौहान ने साम्भर झील का निर्माण करवाया। इसका प्रमाण 1170 ई. में स्थापित बिजोलिया शिलालेख है।

                              चौहान वंश की अनेक शाखाऐं थी। इनमें सबसे प्रसिद्ध शाकम्भरी की शाखा थी। शाकम्भरी का समीकरण आधुनिक अजमेर के उत्तर में साम्भर नगर से लिया जाता है।

                             इस वंश के प्रारम्भिक शासक गुर्जर-प्रतिहारों के सामन्त के रूप में राज्य करते थे।

वाकपतिराज प्रथम :- 10 वीं शताब्दी के आरम्भ में वाकपतिराज प्रथम ने प्रतिहारों से अपने को स्वतंत्र कर लिया।

अजयराज :- 1113 ई. में अजमेर नगर की स्थापना की इन्होने तुर्की आक्रमणकारियों को पराजित किया।

विग्रहराज चतुर्थ :- चौहानों की शक्ति का सबसे अधिक विस्तार इसी के समय में हुआ। उसने दिल्ली और हाॅंसी पर कब्जा किया तथा तुर्की आक्रमणकारियों को परास्त किया।


प्रथ्वीराज तृतीय / रायपिथौरा :- पृथ्वीराज चौहान तृतीय अपने पिता सोमेश्वर की मृत्यु के बाद 11 वर्ष की अवस्था में शासक बना। चौहान वंश के अंतिम शासक एवं भारत के अंतिम हिन्दु सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने चालुक्यों एवं चन्देलों से युद्ध किया। पृथ्वीराज ने बुन्देलखण्ड के चन्देल शासक परमार्दिदेव को परास्त किया। इसी युद्ध में दो चन्देल वीर योद्धा आल्हा-उदल में से उदल मारा गया।

इनकी माता का नाम कर्पूरी देवी था।

चन्दबरदाई लोकसभा के प्रसिद्ध कवि, चौहान शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय के राजकवि एवं मित्र थे। इन्होनें पृथ्वीराज रासो ग्रन्थ की रचना की जिसे हिन्दी भाषा का प्रथम महाकाव्य कहा जा सकता है।


शेख हमीदुद्दीन नागौरी 1276 ई. में चिश्ती मत के प्रसिद्ध सन्त नागौर आकर बसे। एक किसान का सादा जीवन अपनाया।

रणथम्भार के चौहान :-
               इसकी स्थापना पृथ्वीराज चौहान तृतीय के पुत्र गोविन्दराज ने रणथम्भौर में 1194 ई. में चौहान वंश की नींव डाली। पृथ्वीराज चौहान के पुत्र गोविन्दराज के लिये मोहम्मद गौरी ने अपने दास कुतुबुद्धीन ऐबक को उसकी सुरक्षा के लिये नियुक्त किया जो कालान्तर में दास वंश का पहला शासक बना।

हम्मीर देव :- रणथम्भौर के प्रतापी शासक हम्मीर देव के साथ अलाउद्दीन खिलजी ने 16 युद्ध किये।


जालौर के चौहान :- 
संस्थापक कीर्तिपाल या कीतू।
कान्हड़दे जालौर के शासकों में सबसे प्रतापी शासक।

हाड़ौती के चौहान :-
             राजस्थान का दक्षिणी-पूर्वी भाग को हाड़ौती अंचल कहा जाता है।

            1241 ई. में देवी सिंह ने बूॅंदा मीण को हराकर बूॅंदी और देवी सिंह के पुत्र समर सिंह ने कोटिया भील को हराकर कोटा राज्य की स्थापना की।