भगवानदास (Bhagwandas) || Bhanvan Das Rajasthan Gk || Rajasthan History || Indian History || India Gk || Ssc || Ibps || Rpsc || Banking Guru || Rpsc Notes || Gk Tricks In Hindi | Rclipse - Education Point

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भगवानदास (Bhagwandas) (1574 - 1589 ई.)


भगवानदास भारमल के ज्येष्ठ पुत्र थे। मानसिंह भगवानदास का दतक पुत्र था।

भगवानदास की पुत्री का नाम मानाबाई (सुलतान निस्सा था) जो 13 फरवरी 1585 को जहांगीर से लाहौर में विवाह होने के पश्चात् सुल्ताना मस्ताना के नाम से जानी गई।

अमीर खुशरो मानाबाई और जहांगीर का पुत्र था। अमीर खुशरो की हत्या मानाबाई द्वारा की गई और इतिहास में यह पहली पुत्रहन्ता माता के नाम से जानी गई। 6 मई 1604 को मानाबाई ने अफीम खाकर आत्महत्या कर ली।

अमीर-उल-उमरा भगवानदास को यह उपाधि अकबर द्वारा प्रदान की गई। ये कुछ समय के लिये लाहौर के गवर्नर भी रहे।

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