कछवाहा वंश (Kachwah dynasty) | Kachwaha Vansh | Kachvaha Vansh | India History | Rajasthan History | India Gk | Rajasthan Gk | Ssc | Ibps | Rpsc Notes | Exams Notes | Banking Guru | Rclipse - Education Point

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कछवाहा वंश (Kachwah dynasty)


कछवाहा वंश स्वयं को भगवान श्री राम के पुत्र कुश का वंशज मानते है।

967 ई. में दूल्हेराव द्वारा आमेर राज्य की स्थापना की गई। जयपुर के बसने से पूर्व जयपुर (ढूॅंढाड़) राज्य की राजधानी था। प्राचीन काल में यह अम्बावती तथा अंकिकापुर कहलाता था।

1727 ई. में जयपुर नगर बसने से पूर्व यह स्थल आमेर नाम से जाना जाता था।

कछवाहा राजवंश के संस्थापक दूल्हेराव (तेजकरण) थे। कछवाहा राजपूतों ने जयपुर रियासत पर शासन किया।

कछवाहा राजसंश सूर्यवंशी राजा रामचन्द्रजी के ज्येष्ठ पुत्र कुश के वंशज माने जाते है।

कछवाहों ने सबसे पहले दौसा में अपनी राजधानी स्थापित की थी।

1137 ई. में धोल्याराय द्वारा बड़गुर्जरों को परास्त कर ढूंढाड़ राज्य की स्थापना की गई।

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